अग्निवीर सेवा विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अग्निपथ योजना में बदलाव के तहत जो अग्निवीर चार साल बाद नियमित सेवा के लिए नहीं चुने जाएंगे, उन्हें दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा। इससे उनकी कुल सेवा अवधि चार से बढ़कर छह साल हो सकेगी। यह खबर हज़ारों युवाओं और उनके परिवारों के लिए अहम है।
मुख्य बातें
- योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत तक अग्निवीर नियमित सेवा में शामिल किए जाएंगे।
- बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा।
- विस्तार चयन मानदंड और अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर रहेगा।
- नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर को सेवा से बाहर होना था, सेना और वायुसेना का 31 दिसंबर तक।
प्रभासाक्षी की 4 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव की जानकारी कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान दी गई। रिपोर्ट में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम के हवाले से बताया गया कि योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाएगा।
अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जाता है। पहला बैच अब अपना कार्यकाल पूरा करने वाला है, इसलिए यह सवाल बड़ा था कि नियमित सेवा में न चुने गए अग्निवीरों का क्या होगा। नया फैसला इसी सवाल का जवाब देता है।
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अग्निवीर सेवा विस्तार का फैसला क्या है?
सीधे शब्दों में, नियमित सेवा में न चुने गए अग्निवीरों को अब चार साल बाद तुरंत बाहर नहीं होना पड़ेगा। उन्हें दो साल और सेवा करने का मौका मिलेगा, यानी कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, विस्तारित कार्यकाल पूरा होने के बाद जो अग्निवीर आगे भी सेवा करना चाहेंगे, उन पर सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए विचार किया जाएगा। यह चयन मानदंडों के अधीन होगा। ये मानदंड क्या होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
| बिंदु | पहले | अब |
|---|---|---|
| सेवा अवधि | 4 साल | नियमित सेवा में न चुने जाने पर 6 साल तक |
| नियमित सेवा में शामिल | योग्यता के आधार पर | योग्यता के आधार पर 25% तक |
| बाकी अग्निवीर | चार साल बाद सेवा समाप्त | 75% को दो साल का विस्तार |
पहले बैच पर क्या असर होगा?
इस फैसले का सबसे पहला असर उस बैच पर होगा जिसका कार्यकाल इसी साल खत्म हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल के अंत तक तीनों सेनाओं से 18,000 से ज़्यादा अग्निवीरों के सेवा से बाहर होने की उम्मीद थी।
- नौसेना: पहले बैच में करीब 2,100 अग्निवीर भर्ती हुए थे। इनमें से लगभग 550 यानी करीब 25 प्रतिशत को स्थायी रूप से रखा गया है। बाकी को दो साल के विस्तार का विकल्प दिया जाएगा। यह बैच 21 नवंबर को सेवा से बाहर होना था।
- सेना और वायुसेना: इनके पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 31 दिसंबर तक पूरा होना था।
आम लोगों पर क्या असर होगा?
इसका सीधा फायदा उन युवाओं और परिवारों को होगा जो चार साल बाद रोज़गार को लेकर चिंतित थे। दो साल का अतिरिक्त समय उन्हें स्थिर आय और आगे की तैयारी का मौका देगा।
सरकार पहले भी केंद्रीय कर्मचारियों और गांवों से जुड़े कई अहम फैसले ले चुकी है, जैसे केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ाने का फैसला और विकसित ग्राम स्वराज योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी। अग्निवीरों से जुड़ा यह कदम भी बड़ी संख्या में परिवारों को प्रभावित करेगा।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नज़र सरकार और सेनाओं की ओर से जारी होने वाले विस्तृत नियमों पर है। इनमें विस्तार की शर्तें, चयन की प्रक्रिया और विस्तारित अवधि की सुविधाएं साफ होंगी।
रिपोर्ट में विस्तारित अवधि के वेतन या दूसरी सुविधाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए अग्निवीरों को अपनी यूनिट और आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखनी चाहिए।
आपके लिए इसका क्या मतलब है
- अगर आप या आपके परिवार में कोई अग्निवीर है, तो विस्तार के विकल्प की जानकारी अपनी यूनिट से लें।
- विस्तार अपने आप नहीं मिलेगा, यह चयन मानदंड और आपकी इच्छा पर निर्भर करेगा।
- आगे नियमित भर्ती के मौके के लिए अपना सेवा रिकॉर्ड और फिटनेस मज़बूत रखें।
- सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों की जगह केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अग्निवीरों की सेवा अवधि कितनी बढ़ाई गई है?
नियमित सेवा में न चुने गए अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा। इससे उनकी कुल सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल तक हो सकती है। यह विस्तार चयन मानदंड और अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर करेगा।
कितने प्रतिशत अग्निवीर नियमित सेना में शामिल होंगे?
रिपोर्ट के अनुसार योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल के सेवा विस्तार का अवसर मिलेगा।
अग्निवीरों का पहला बैच कब सेवा पूरी कर रहा है?
नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर को सेवा से बाहर होना था। सेना और वायुसेना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 31 दिसंबर तक पूरा होना था। नौसेना के करीब 2,100 में से लगभग 550 अग्निवीर स्थायी रूप से रखे गए हैं।
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