अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
Latest Hindi News की संपादकीय नीति बताती है कि हम खबरें कैसे चुनते, जाँचते, लिखते और प्रकाशित करते हैं। हमारा लक्ष्य पाठकों का भरोसा जीतना और बनाए रखना है।
1. हमारे मूल सिद्धांत
- सत्य और सटीकता: तथ्य सबसे पहले। हम अपुष्ट जानकारी को खबर के रूप में प्रकाशित नहीं करते।
- निष्पक्षता और संतुलन: विवादित मुद्दों पर सभी पक्षों को जगह देने का प्रयास करते हैं।
- स्वतंत्रता: हमारे संपादकीय फ़ैसले किसी विज्ञापनदाता, राजनीतिक दल, सरकार या कॉर्पोरेट दबाव से प्रभावित नहीं होते।
- जवाबदेही: हम अपनी गलतियाँ स्वीकार करते हैं और उन्हें पारदर्शी तरीके से सुधारते हैं।
- मानवीय संवेदनशीलता: पीड़ितों, बच्चों और कमज़ोर वर्गों से जुड़ी खबरों में हम विशेष सावधानी बरतते हैं।
2. स्रोत और पुष्टि
- हम आधिकारिक दस्तावेज़ों, सरकारी बयानों, अदालती आदेशों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों को प्राथमिक स्रोत मानते हैं।
- महत्वपूर्ण दावों की पुष्टि कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से करने का प्रयास किया जाता है।
- गुमनाम स्रोतों का इस्तेमाल केवल तब किया जाता है जब जानकारी जनहित में हो और किसी और तरीके से उपलब्ध न हो। ऐसे मामलों में संपादक की मंज़ूरी ज़रूरी है।
- सोशल मीडिया से मिली जानकारी को प्रकाशित करने से पहले उसकी सत्यता जाँची जाती है।
3. खबर, राय और विज्ञापन में अंतर
खबरें तथ्यों पर आधारित होती हैं। राय या विश्लेषण वाले लेखों को स्पष्ट रूप से “ओपिनियन” या “विश्लेषण” के रूप में चिह्नित किया जाता है। स्पॉन्सर्ड या पेड कंटेंट पर हमेशा “स्पॉन्सर्ड” लिखा होता है। विज्ञापन विभाग का संपादकीय फ़ैसलों में कोई दखल नहीं होता।
4. बाइलाइन और पारदर्शिता
हर लेख के साथ लेखक या संपादक का नाम, प्रकाशन की तारीख और समय, और अपडेट होने पर अपडेट की तारीख दिखाई जाती है। एजेंसी से ली गई खबरों में एजेंसी का नाम दिया जाता है।
5. तस्वीरें और वीडियो
तस्वीरों और वीडियो से ऐसी छेड़छाड़ नहीं की जाती जिससे उनका अर्थ बदल जाए। प्रतीकात्मक तस्वीरों पर “प्रतीकात्मक तस्वीर” लिखा जाता है। AI से बनाई गई किसी भी तस्वीर को साफ़ तौर पर चिह्नित किया जाता है।
6. संवेदनशील मामले
- यौन अपराध के पीड़ितों और नाबालिगों की पहचान कानून के अनुसार उजागर नहीं की जाती।
- आत्महत्या से जुड़ी खबरों में तरीके का विवरण नहीं दिया जाता और हेल्पलाइन नंबर दिए जाते हैं।
- सांप्रदायिक या जातीय तनाव से जुड़ी खबरों में भड़काऊ भाषा से बचा जाता है।
- किसी आरोपी को अदालत से दोषी ठहराए जाने तक “आरोपी” ही लिखा जाता है।
7. AI और तकनीक का इस्तेमाल
हम अनुवाद, वर्तनी जाँच या रिसर्च में तकनीकी टूल की मदद ले सकते हैं, लेकिन हर खबर को प्रकाशन से पहले एक इंसानी संपादक जाँचता और मंज़ूर करता है। तथ्यों की ज़िम्मेदारी हमेशा हमारी संपादकीय टीम की होती है।
8. हितों का टकराव
हमारे पत्रकार ऐसे विषयों पर रिपोर्ट नहीं करते जिनमें उनका व्यक्तिगत या आर्थिक हित हो। हम खबर छापने या न छापने के बदले कोई उपहार या भुगतान स्वीकार नहीं करते।
9. कानूनी अनुपालन
हम सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत डिजिटल न्यूज़ प्रकाशकों के लिए निर्धारित आचार संहिता, भारतीय प्रेस परिषद के पत्रकारिता आचरण मानदंड और केबल टेलीविज़न नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम के कार्यक्रम संहिता के सिद्धांतों का पालन करते हैं।
संबंधित नीतियाँ
फ़ैक्ट-चेक नीति | सुधार नीति | स्वामित्व और फ़ंडिंग | शिकायत निवारण
