चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और हरियाणा में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की मुहिम के तहत घर-घर जाकर पात्र नागरिकों से संपर्क करना शुरू किया है। यह अभियान खासतौर पर उन लोगों के लिए चलाया जा रहा है जिनके नाम SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान सूची से हट गए थे। यह कदम चुनावी पारदर्शिता और हर योग्य मतदाता को मतदान में शामिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्य बातें
- चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में घर-घर जाकर नाम जोड़ने का अभियान शुरू किया।
- दिल्ली में 33 लाख में से 20 लाख मामलों का समाधान हो चुका है।
- उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नामों की दोबारा जांच, पंजाब में अंतिम सूची जारी।
- पात्र मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के जरिए आवेदन की सुविधा।
इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत अन्य राज्यों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि छूटे नाम दोबारा जोड़े जा सकें। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रहे।
राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच आयोग ने जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है। कई जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि शिकायतों का समय पर समाधान हो सके।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की मुहिम क्यों जरूरी है?
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की मुहिम इसलिए जरूरी है ताकि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिल सके। SIR के दौरान कई नाम तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से हटाए गए थे।
चुनाव आयोग की इस पहल से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गलत तरीके से हटाए गए नामों को फिर से सूची में शामिल किया जाए। इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ती है।
कौन-कौन से राज्य शामिल हैं और क्या हो रहा है?
अभियान उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और हरियाणा में चल रहा है। BLO घर-घर जाकर सूची की जांच और दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं।
- दिल्ली में 33 लाख नाम कटे, जिनमें से 20 लाख मामलों का समाधान हो गया।
- उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नामों की दोबारा जांच हो रही है।
- पंजाब में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की गई।
- पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा में भी BLO दस्तावेज जांच और नाम जोड़ने में लगे हैं।
आम मतदाता को क्या करना चाहिए?
अगर किसी का नाम मतदाता सूची से हट गया है, तो वह अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क कर सकता है और फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
नाम में सुधार या पता बदलवाने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब में ECINet ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। जिनके मामले मौके पर नहीं सुलझ पा रहे, वे विशेष शिविरों में जाकर मदद ले सकते हैं।
दिल्ली और यूपी में किस तरह काम हो रहा है?
दिल्ली में अभियान के लिए 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और 14,947 BLO तैनात हैं। गाजियाबाद में BLO को रोज 20-25 फॉर्म भरवाने का लक्ष्य दिया गया है।
नाम कटने के कई मामले नाम की स्पेलिंग या दस्तावेजों की कमी के कारण सामने आए। BLO घर जाकर दस्तावेज जुटा रहे हैं और पात्र लोगों के नाम फिर से सूची में जोड़ रहे हैं।
आपके लिए इसका क्या मतलब है
अगर आप मतदाता हैं और आपका नाम सूची से हट गया है, तो घबराएं नहीं। जल्दी से अपने BLO से संपर्क करें, फॉर्म-6 या फॉर्म-8 भरें और जरूरी दस्तावेज दें। विशेष शिविरों या ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और आपके मतदान के अधिकार की सुरक्षा के लिए है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट यहां से भी अधिक जानकारी ली जा सकती है।
अगर आप देश-दुनिया की प्रमुख राजनीति खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी राजनीति श्रेणी में जाएं।
आर्थिक खबरों के लिए IMF की ताज़ा रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं है तो क्या करूं?
आप अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क करें और फॉर्म-6 भरें। इसके लिए आपको पहचान और निवास के प्रमाणपत्र देने होंगे। आवेदन के बाद अधिकारी आपकी पात्रता की जांच कर नाम सूची में जोड़ सकते हैं।
नाम में गलती या पता बदलने के लिए कौन सा फॉर्म भरना है?
नाम, पता या अन्य जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होता है। यह फॉर्म BLO या ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकता है। दस्तावेजों की जांच के बाद बदलाव किए जाते हैं।
पंजाब या अन्य राज्यों में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पंजाब में ECINet ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अन्य राज्यों में भी चुनाव आयोग की वेबसाइट या संबंधित ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
डिस्क्लेमर: यह खबर प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है, जिनके लिंक लेख में दिए गए हैं। प्रकाशन के समय तक तथ्यों की जाँच की गई है और घटनाक्रम बदलने पर खबर अपडेट की जा सकती है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत से पुष्टि ज़रूर करें। तस्वीरें उनके मूल फ़ोटोग्राफ़र और लाइसेंस के क्रेडिट के साथ प्रकाशित की गई हैं। देश-दुनिया की ऐसी ही लेटेस्ट हिंदी न्यूज़ के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

1 टिप्पणियाँ