उत्तर प्रदेश

मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर, राजस्थान दूसरे स्थान पर

मिशन कर्मयोगी को लागू करने में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहे। यूपी में iGOT पर 19.23 लाख यूजर हैं।

सांकेतिक तस्वीर: लैपटॉप पर काम करते कर्मचारी
सांकेतिक तस्वीर: लैपटॉप पर काम करते कर्मचारी  फ़ोटो: Pexels

मिशन कर्मयोगी उत्तर प्रदेश में सबसे बेहतर तरीके से लागू हुआ है। राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में यूपी पहले, राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहा। यह सम्मान 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला में दिया गया। यूपी में iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर करीब 19.23 लाख यूजर पंजीकृत हैं।

मुख्य बातें

  • मिशन कर्मयोगी लागू करने में यूपी पहले, राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर।
  • यूपी में iGOT पर करीब 19.23 लाख यूजर, 99 प्रतिशत से ज्यादा सक्रिय।
  • उन्नति पहल के तहत 350 से ज्यादा प्रशिक्षण संस्थान पंजीकृत।
  • गृह विभाग में 1 करोड़ से ज्यादा कोर्स पूरे हुए।

जीके टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यशाला डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपम) और भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग ने मिलकर आयोजित की थी।

मिशन कर्मयोगी, यानी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम, को केंद्रीय कैबिनेट ने सितंबर 2020 में मंजूरी दी थी। इसका मकसद सरकारी कर्मचारियों को उनकी भूमिका के हिसाब से ऑनलाइन प्रशिक्षण देना है।

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मिशन कर्मयोगी में यूपी के कौन से विभाग आगे रहे?

राज्य के अंदर विभागों को तीन श्रेणियों में रैंक किया गया। गृह विभाग श्रेणी A में सबसे आगे रहा।

श्रेणी पहला स्थान दूसरा स्थान
श्रेणी A गृह विभाग बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग
श्रेणी B उच्च शिक्षा विभाग अवस्थापना और औद्योगिक विकास विभाग
श्रेणी C हथकरघा और वस्त्र विभाग प्रशासनिक सुधार विभाग

iGOT कर्मयोगी क्या है?

iGOT कर्मयोगी मिशन कर्मयोगी का ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इस पर सरकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से जुड़े कोर्स करके नई क्षमताएं सीखते हैं। यूपी में इसके 99 प्रतिशत से ज्यादा यूजर सक्रिय हैं, जो इस रैंकिंग की बड़ी वजह है।

आपके लिए इसका क्या मतलब है

अगर आप यूपी सरकार में कर्मचारी हैं, तो iGOT कर्मयोगी पर कोर्स पूरे करना आपके विभाग की रैंकिंग और आपकी अपनी क्षमता दोनों के लिए अहम है। बेहतर प्रशिक्षित कर्मचारियों से आम लोगों को सरकारी सेवाएं तेज और आसान मिलने की उम्मीद है। यूपी की और खबरों के लिए हमारा उत्तर प्रदेश सेक्शन देखें। राज्य से जुड़ी एक और अहम खबर यूपी वोटर लिस्ट संशोधन का शेड्यूल भी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मिशन कर्मयोगी लागू करने में कौन सा राज्य पहले नंबर पर है?

उत्तर प्रदेश मिशन कर्मयोगी लागू करने में देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहे। यह सम्मान 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ की क्षेत्रीय कार्यशाला में दिया गया।

यूपी में iGOT कर्मयोगी पर कितने यूजर हैं?

23 अक्टूबर 2026 तक यूपी में iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर करीब 19.23 लाख यूजर पंजीकृत थे। इनमें से 99 प्रतिशत से ज्यादा सक्रिय रूप से कोर्स कर रहे हैं।

मिशन कर्मयोगी क्या है?

मिशन कर्मयोगी सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने का राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसे सितंबर 2020 में मंजूरी मिली थी। इसमें सरकारी कर्मचारियों को उनकी भूमिका के हिसाब से iGOT प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाता है।

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Akshay

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