धनतेरस 2026 का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू धर्म में धन, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाई जाती है, जो दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत मानी जाती है।
मुख्य बातें
- धनतेरस 2026 की तिथि 6 नवंबर, शुक्रवार है।
- पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:19 से 8:17 बजे तक रहेगा।
- इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
- सोना, चांदी, बर्तन आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, 2026 में धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा और खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त रहता है, जिसे जानना सभी के लिए लाभकारी है। पूजा का समय और धार्मिक महत्व से जुड़े कई सवाल हर साल उठते हैं।
धनतेरस पर लोग अपने घरों में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं तथा नए बर्तन, सोना, चांदी या अन्य शुभ वस्तुएं खरीदते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

धनतेरस 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
धनतेरस 2026 की तिथि 6 नवंबर, शुक्रवार को है। पूजा और खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6:19 बजे से 8:17 बजे तक रहेगा।
- त्रयोदशी तिथि आरंभ: 6 नवंबर 2026, सुबह 9:30 बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026, सुबह 11:45 बजे
- पूजा मुहूर्त: शाम 6:19 से 8:17 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:49 से 8:23 बजे तक
पूजा और खरीदारी के लिए वृषभ काल भी शुभ माना जाता है, जो शाम 6:19 से 8:17 बजे तक रहेगा।
धनतेरस का धार्मिक महत्व
धनतेरस हिंदू धर्म में धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक पर्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा जुड़ी है।
मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर सोना, चांदी, तांबे, पीतल के बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झाड़ू आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
- सोना-चांदी के आभूषण
- नए बर्तन
- धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबेर की मूर्तियां
- झाड़ू, दीपक
कहा जाता है कि इन वस्तुओं की खरीदारी से घर में बरकत और शुभता आती है।
धनतेरस पूजा कैसे करें?
धनतेरस की शाम को घर की साफ-सफाई के बाद पूजा स्थल पर भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की मूर्तियां स्थापित करें।
- दीप जलाएं और पूजा सामग्री के साथ मंत्रोच्चार करें।
- धूप, दीप, पुष्प, फल, मिठाई आदि अर्पित करें।
- पूजा के बाद परिवार संग आरती करें और दीपदान करें।
पूजा के दौरान घर में रोशनी और सकारात्मकता बनाए रखना शुभ माना जाता है।
आपके लिए इसका क्या महत्व है
धनतेरस पर सही तिथि और शुभ मुहूर्त में पूजा तथा खरीदारी करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। लोग इस दिन घर की सफाई, दीप जलाने और शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की जाती है। आगामी वर्षों में पंचांग और स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त जानना लाभकारी रहेगा।
यदि आप अन्य त्योहारों की तिथियों और पूजन विधियों की जानकारी चाहते हैं, तो हमारी धर्म श्रेणी में समय-समय पर अपडेट देखें। नवरात्रि के दौरान मनोरंजन से जुड़ी खबरें यहां पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धनतेरस 2026 में किस दिन मनाई जाएगी?
धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होगी, जो सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर अगले दिन तक चलेगी।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
धनतेरस 2026 में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:19 बजे से 8:17 बजे तक रहेगा। इस दौरान परिवार संग विधिवत पूजा करना शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर कौन-कौन सी वस्तुएं खरीदना शुभ है?
इस दिन सोना, चांदी, तांबे-पीतल के बर्तन, धन्वंतरि-लक्ष्मी-कुबेर की मूर्तियां, झाड़ू और दीपक खरीदना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
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